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शरीर की नसों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखना है जरूरी, जानें इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हेलà¥à¤¦à¥€ रखने के 7 तरीके
अगर थकान, à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ या सूजन जैसे कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ नजर आà¤à¤‚ तो इसे नजरअंदाज न करें.
हर कोई शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंगों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने की बात करता है लेकिन इस बारे में शायद ही बात की जाती है कि शरीर की नसों (Nerves of the Body) को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ कैसे रखा जाà¤. बहà¥à¤¤ से लोग सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ नसों के महतà¥à¤µ को कम आंकते हैं, जब तक कà¥à¤› गलत न हो जाà¤. जब नसें कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होती हैं, तो अचà¥à¤›à¥€ सेहत को बनाठरखना काफी मà¥à¤¶à¥à¤•िल होता है. नसें शरीर के अंगों से रकà¥à¤¤ लेती हैं और उसे हृदय (Heart) में पहà¥à¤‚चाती हैं, वहीं धमनियां हृदय से रकà¥à¤¤ लेकर अंगों तक पहà¥à¤‚चाती हैं. जानिठनसों को किस तरह से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रख सकते हैं.
बहà¥à¤¤ सारा फाइबर खाà¤à¤‚
फाइबर पाचन तंतà¥à¤° को सही ढंग से काम करने में मदद करने के लिठà¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषक ततà¥à¤µ है. पाचन की कमी से पेट पर जितना अधिक दबाव डाला जाता है, उतनी ही अधिक आशंका है कि नसों को रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ के रà¥à¤•ावट के कारण नà¥à¤•सान होगा. फाइबर यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे ओटमील, बà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤¨ राइस, पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो, चियास, दालें आहार में शामिल करें.
विटामिन सी और विटामिन ई का सेवन
फाइबर के अलावा à¤à¤¸à¥‡ कई अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µ हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नसों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठअपने आहार में शामिल करें. à¤à¤¸à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करें, जिनमें बहà¥à¤¤ विटामिन सी हों जैसे बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€à¤œ, गोà¤à¥€, अनानास, संतरे आदि. विटामिन सी शरीर की रकà¥à¤¤ वाहिकाओं को à¤à¥€ मजबूत बनाने में मदद करता है. विटामिन ई से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को à¤à¥€ आहार में शामिल करें, जिसमें सूखे मेवे, à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो, जैतून का तेल, कदà¥à¤¦à¥‚, आम, मछली आदि शामिल हैं.
वजन बढ़ाने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से दूर रहें
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ आहार से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन बनाठरखने में मदद मिलेगी. सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन नसों पर आने वाले दबाव को कम करता है. जितना अधिक वजन होगा, उतना ही नसों को अधिक काम करना होगा. अधिक वजन होने के कई दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥‡à¤²à¤¨à¥‡ के बजाय, अपने आहार को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र रखने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें ताकि नसें ठीक से अपना काम कर सकें.
हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रहना
नसों के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहने के लिठपानी जरूरी है. जितना अधिक हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ होते हैं, रकà¥à¤¤ उतना ही पतला होता है, जिसका मतलब है कि यह अधिक आसानी से बहता है. यदि रकà¥à¤¤ गाढ़ा है, तो आप डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ हैं और इससे नसें खराब होंगी.
गतिशील रहें
à¤à¤• गतिहीन जीवन शैली वैरिकोज वेनà¥à¤¸ के पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारणों में से à¤à¤• है. लैपटॉप के सामने 8-9 घंटे की लगातार बैठक नसों की समसà¥à¤¯à¤¾ खड़ी कर सकती है. इसलिठलगातार घंटों बैठकर काम करने की बजाà¤, बीच में उठते रहें और थोड़ा पैदल चलें. वहीं इसका मतलब नहीं कि सारा दिन खड़े रहना है. यह à¤à¥€ नसों पर दबाव डालता है. अपने खड़े और बैठने के बीच à¤à¤• संतà¥à¤²à¤¨ रखना होगा और हर दिन जितना संà¤à¤µ हो उतना पैदल चलें.
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ न करें
तंबाकू के धà¥à¤à¤‚ में मौजूद रसायन रकà¥à¤¤ गाढ़ा कर सकते हैं. इसके अलावा निकोटीन नसों को सखà¥à¤¤ और संकीरà¥à¤£à¤¤à¤¾ का कारण बनता है.
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